शुक्रवार, 15 जनवरी 2010

सूर्य ग्रहण को नंगी आँखों से न देखें

नई दिल्ली। देशभर के खगोलविज्ञान प्रेमी कल शताब्दी के सबसे बड़े वलयाकार सूर्य ग्रहण को देखने का उत्सुकता के साथ इंतजार कर रहे हैं लेकिन वैज्ञानिकों और नेत्र चिकित्सकों ने लोगों को इस आकाशीय घटना को नंगी आंखों से नहीं देखने की चेतावनी दी है।

इंडियन इंस्टीट्यूट आफ एस्ट्रोफिजिक्स के प्रोफेसर आर सी कपूर ने कहा कि सूर्य के फोटोस्फीयर को कुछ सेकेंड के लिए भी सीधे देखने से फोटोस्फीयर से निकलने वाली दृश्य और अदृश्य विकिरणों के कारण रेटिना स्थाई तौर पर क्षतिग्रस्त हो सकता है। इससे स्थाई तौर पर आंखों की दृष्टि जा सकती है और नेत्रहीनता की स्थिति पैदा हो सकती है। रेटिना में इसकी वजह से दर्द नहीं होता और रेटिना को हुई क्षति हो सकता है कुछ घंटों के लिए न दिखे। इसलिए यह पता नहीं चले कि आंख को क्षति पहुंची है।

नेहरू तारामंडल निदेशक रत्नाश्री ने कहा कि सूर्य ग्रहण को देखने के लिए विशेष रूप से तैयार सौर फिल्टरों या चश्मों का ही प्रयोग किया जाना चाहिए।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

समर्थक

ब्लॉग आर्काइव