हमारे और आपके दिलों में रहने वाले देवानंद साहब आज हमारे बीच नहीं हैं, यह सोच कर ही धक्का सा लगता है . हिंदी फिल्मों की आत्मा कही जाने वाली यह रोमांटिक शख्सियत इतनी जल्दी हम से हमेशा के लिए जुदा हो जाएगी यह हमने सोचा भी ना था. एक दौर हुआ करता था देवानंद साहब की अदाकारी के लोग दीवाने हुआ करते थे ,नव युवतियां उनकी एक झलक पाने को बेताब हुआ करती थीं. उनकी कुछ प्रेम कहानियां अधूरी ही रह गयीं और अपने प्यार अभनेत्री जीनत अमान को अभिनेता और शो मेन राज कपूर की बाँहों में झूलता देख उनका दिल टूट गया और तभी से उन्होंने अकेले रहना चाहा. पार्श्व गायिका और अभिनेत्री सुरैया से देव साहब शादी करना चाहते थे किन्तु उनकी माँ ने इस बंधन को नहीं स्वीकरा. १९४९ में नवकेतन फिल्म प्रोडक्शन शुरू कर कई बेहतरीन फिल्मों का निर्माण किया ,मै ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया ,अभी ना जाओ छोड़ कर के दिल अभी भरा नहीं ,यहाँ कौन है तेरा मुसाफिर जायेगा कहाँ और चूड़ी नहीं यह मेरा दिल है देखो-देखो टूटे ना ,पल भर के लिए कोई हमे प्यार कर ले झूठा ही सही ,खोया-खोया चाँद खुला आसमान आँखों में साड़ी रात जाएगी तुमको भी कैसे नींद आएगी. यह गाने इस सदाबहार हीरो ने अपने चाहने वालों को सौगात के रूप में दिए हैं .गाइड ज्वेलथीफ देसपरदेस जानी मेरा नाम आदि देव साहब की उल्लेखनीय फ़िल्में हैं - शिखर आकाश साथ में नरेन्द्र ऍम चतुर्वेदी
सोमवार, 5 दिसंबर 2011
शुक्रवार, 4 नवंबर 2011
मथुरा (ब्रज) का प्रसिद्ध कंस वध का मेला !
मथुरा (ब्रज)का प्रसिद्ध कंस वध का मेला अत्याचारी कंस के मर्दन का दिन होता है ! आपको बताते चलें की जिस तरह दशहरे पर हर साल रावण का पुतला जलाया जाता है ,ठीक उसी प्रकार मथुरा में कसं के पुतले को लाठी डंडों से पीटने की प्रथा है.श्री कृष्ण -बलराम ने कसं के बढ़ते हुए अत्याचार को रोकने के लिए कंस का वध किया और मथुरा के व्श्राम घाट पर कुछ पल के लिए विश्राम किया था!
मथुरा में चतुर्वदी समाज के लोगों के लिए यही पर्व साल का सब से बड़ा त्यौहार माना जाता है इस दिन चतुर्वेदी समाज के सभी लोग नव युवक- युवतियां ,महिला-पुरुष नए वस्र्ताभूषण पहन कर अपनी लाठियों को इस दिन के लिए तेल पिला कर तयार कर लेते हैं और कंस मेले के दिन इन्हीं लाठियों से कंस के पुतले को पीट कर धुल-धूसरित कर देते हैं और गाते हुए कहते हैं ---छज्जू आये खाट के पाए ,मार-मार लाठन धूर कर आये ,वाही कसं को चेहरा लाये, के विशेष बात और बताते चलें की इस दिन चतुर्वेदी समाज के लोग देश -विदेश से इकठ्ठा होते हैं ! बोलो जय श्री कृष्ण !!
शिखर आकाश साथ में नरेन्द्र ऍम चतुर्वेदी
गुरुवार, 3 नवंबर 2011
मथुरा में गौ चारण का मेला आज
मथुरा में गौ चारण का मेला आज !
इस दिन ग्वाले अपनी गायों को नेहला-धुला कर बाकायदा उन्हें सजाते हैं गायों की पूजा करते हैं और साँय काल इनको मुक्य बाज़ारों से होकर श्री कृष्ण बलराम की सवारी के साथ गुज़ारा जाता है ! आज का दिन गोपालको और गायों के लिए बहुत ही महत्वापूर्ण है !
बोलो गोपाल कृष्ण की जय!!
शिखर आकाश साथ में नरेन्द्र ऍम .चतुर्वेदी,मथुरा !
मंगलवार, 25 अक्टूबर 2011
सोमवार, 10 अक्टूबर 2011
ग़ज़ल सम्राट जगजीत सिंह नहीं रहे
ग़ज़ल सम्राट जगजीत सिंह नहीं रहे.संगीत के शोकीन और ग़ज़ल को जान ने और समझने वाले आज मायूस हो गए जब उन्होंने यह दुःख भरी खबर को विभिन्न चेनलों के माध्यम से सुना की जगजीत सिंह नहीं रहे तो तमाम संगीत और ग़ज़ल के शोकीन स्तब्ध रह गए."चिट्ठी ना कोई संदेस ना जाने कौन से देस जहान तुम चले गए .तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो ,क्या गम है जिसको छुपा रहे हो और होटों से छु लो तुम मेरा गीत अमर कर दो ,बन जाओ मीत मेरे मेरी प्रीत अमर कर दो, सचमुच यह ऐसी ग़ज़लें थीं जो अमर हो गयीं हैं .समय सापेक्ष परिवार की तरफ से इस महान ग़ज़ल सम्राट को भावभीनी श्रद्धांजलि.
शिखर आकाश
सम्पादक
बुधवार, 14 सितंबर 2011
हिंदी दिवस पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें
हिंदी दिवस पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें -हिंदी हैं हम वतन है हिंदोस्ता हमारा .आइये आज प्रण करें के हम हिंदी को उसका सम्मान वापस दिलाएंगे -जय हिंद जय हिंदी राष्ट्र भाषा
रविवार, 13 फ़रवरी 2011
वेलेंटाइन डे पर आप सभी को ढेर सारी शुभकामनाएं
. प्रेम शाश्वत है इश्वर है एक मधुर रिश्ता है जो लोगों को बाँध कर रखता है . यही वो परिभाषा है जो अपनत्व की कसौटी पर खरी उतरती है ,हम सभी को और ख़ास तौर पर दो युवा दिलों को नजदीक लाती है प्रेम,प्यार और चाहत यह वो शब्द हैं जिनसे यह जीवन समरस हो चला है तभी तो कहा जाता है के--- प्यार के रंग से तू दिल को सजाये रखना हो सके तो इस जहाँ में किसी को तो अपना बनाये रखना
शिखर आकाश
सम्पादक
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