गुरुवार, 3 दिसंबर 2009

मथुरा में दाउजी मेला आरम्भ


मथुरा। ब्रज प्रसिद्ध बलदेव अगहन पूर्णिमा मेला में जबर्दस्त भीड़ उमड़ रही है। मेला में तरह-तरह के मनोरंजन के कार्यक्रम हो रहे हैं। इस प्रसिद्ध मेला का विधिवत शुभारम्भ क्षेत्रीय विधायक ने फीता काट कर किया। मेला में नगर पंचायत ने भी लोगों की सुविधार्थ व्यवस्थाएं की हैं। उधर प्रमुख मंदिर दाऊजी महाराज के दर्शनों के लिए सुबह से श्रद्धालु उमड़ने लगे। हर वर्ष अगहन मास में पूर्णिमासी से यह मेला शुरू होता है। यूं तो मेला में क्षेत्रीय लोगों के अलावा आसपास के लोगों का उमड़ना कई दिनों से ही शुरू हो गया था। मेला में मनोरंजन के तमाम साधन जिनमें बच्चों के लिए बड़े-बड़े झूले लगाए गये हैं। डांस पार्टी और रोंगटे खड़े कर देने वाले करतब दिखाने के साथ ही मौत का कुआं यहां लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। मेला में एक लघु बाजार भी लगाया गया है। इसमें खरीददारी के लिए महिलाएं उमड़ रही हैं। मेला में आने वाले दिनों में और भीड़ बढ़ जाएगी।

बुधवार, 2 दिसंबर 2009

आखिरकार : राज ठाकरे के खिलाफ गैर जमानती वारंट


बिहारियों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर मुजफ्फरपुर की एक अदालत ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ बुधवार को गैर जमानती वारंट जारी करते हुए मुंबई पुलिस को उन्हें गिरफ्तार कर अगले वर्ष चार जनवरी को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी शहाब कौसर ने गत छह अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई के दौरान राज ठाकरे की ओर से इस संबंध में अपना पक्ष निर्धारित तिथि को नहीं रखे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी और मुंबई पुलिस को मनसे प्रमुख को दो नवंबर को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।मुजफ्फरपुर के एक अधिवक्ता ने इस संबंध में दो फरवरी 2008 को मुजफ्फरपुर के तत्कालीन मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जेके सिन्हा की अदालत में राज ठाकरे के खिलाफ भादवि की धारा 504 के तहत परिवाद पत्र दायर किया था।
वकील ने अपने परिवाद पत्र में राज पर 31 जनवरी 2008 को बिहारियों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर शांति व्यवस्था भंग करने तथा सूर्य भगवान की अराधना का पर्व छठ को एक ड्रामा बताने का अरोप लगाया था।सिन्हा ने इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत को मामला स्थानांतरित कर दिया था। (भाषा)

आगरा में एक बिल्डिंग में मजार मिली


आगरा । यमुना किनारा, वेदांत मंदिर के सामने खंडहर हुई एक बिल्डिंग में मंगलवार को मजार दिखायी दी। जिसे देखने वालों का दिनभर तांता लगा रहा। यमुना किनारे स्थित मकान नं. 20 / 86 में किसी जमाने में शेरों वाली कोठी थी। क्षेत्रीय नागरिकों के अनुसार यह मुगल काल की इमारत थी। जिसे बेच दिया गया है। करीब तीन साल से इसको तोड़ा जा रहा है। पिछले एक साल से इसकी तोड़फोड़ बंद थी। 15 दिन से यह फिर शुरु हो गयी है। मंगलवार को प्रात: इस खंडहर के नीचे कुछ लोगों को मजार दिखायी दी। खबर मिलते ही आसपास के लोग भी दर्शन के लिए उमड़ पड़े। जिन्हें पुलिस ने पहुंच कर रोका।

आतंक के खिलाफ काम करे मीडिया-पाटिल


हैदराबाद,बढ़ते वैश्विक आतंकवाद के मद्देनजर दुनिया को बेहतर और सुरक्षित बनाने में मीडिया की भी जिम्मेदारी है। आतंकवाद और पर्यावरण में हो रहे बदलाव संचार के द्रुतगामी साधन और वित्तीय जुड़ाव जैसी चीजें भूमंडलीकृत गाँव के संकेतक हैं।यह बात राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कही। यहाँ ‘पिंट्र मीडिया के समक्ष संपादकीय और व्यावसायिक चुनौतियों’ पर चर्चा के लिए आयोजित तीन दिवसीय ‘वर्ल्ड न्यूजपेपर कांग्रेस’ और ‘वर्ल्ड एडिटर्स फोरम’ के सम्मेलन के पहले दिन श्रीमती पाटिल ने आज कहा कि आतंकवादियों ने पूरी दुनिया में अपना जाल फैला लिया है। इससे समाज के स्थायित्व, शांति और मासूम जिंदगियों पर संकट पैदा हो गया है।उन्होंने कहा व्यापक नजरिए से देखा जाए तो दुनिया के किसी हिस्से में हथियारों और मादक पदार्थों की खेप का पकड़ा जाना एक बड़े षड्यंत्र का खुलासा कर सकती हैं। (भाषा)

मंगलवार, 1 दिसंबर 2009

ब्रेकिंग न्यूज़: गरीब रथ से रोड रोलर टकराया १२ लोग घायल

बाराबंकी। गरीब रथ से रोड रोलर टकरा जाने से १२ लोग घायल हुए हैं , गरीब रथ सहरसा से अमृतसर जा रही थी। एक और सूचना आरही है की एम् पी के मुख्यमत्री दिग्विजय सिंह के हेलिकोप्टर पर हजारी बाग़ में पथराव हुआ है और उनके हेलिकोप्टर के शीशे तोड़ डाले गए हैं। श्रद्धा जाधव मुंबई की नई मेयर होंगी।

राजस्थान के राज्यपाल एसके सिंह का निधन



जयपुर,राजस्थान के राज्यपाल और भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एसके सिंह का मंगलवार को दिल्लीClick here to see more news from this city के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे 77 वर्ष के थे।

24 जनवरी 1932 को जन्मे सिंह पिछले कुछ दिनों से बीमार होने के कारण दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे। उन्होंने दिसम्बर 2004 में राजस्थान के राज्यपाल का पद ग्रहण किया था।

पूर्व प्रधानमंत्री स्व राजीव गाँधी की सरकार ने एसके सिंह को वर्ष 1989 में विदेश सचिव नियुक्त किया था। वे वर्ष 1985 से 1989 तक पाकिस्तान में भारत के राजदूत रहे।

इससे पहले वह 1982-1983 में ऑस्ट्रेलिया में भारत के राजदूत, 1972 से 1982 तक अतिरिक्त विदेश सचिव, 1977 से 1979 तक अफगानिस्तान में भारत के राजदूत रहे।

अधिकारिक सूत्रों के अनुसार एस के सिंह वर्ष 1969 से 74 तक भारत सरकार के प्रवक्ता और वर्ष 1968-69 में वाणिज्य मंत्रालय में निदेशक (विदेश व्यापार) रहे। (भाषा)

चीनी सेना ने दी भारत को धमकी


जम्मू । लद्दाख सेक्टर में चीन से सटी नियंत्रण व अंतरराष्ट्रीय सीमा पर उथल-पुथल शुरू हो गई है हालात ये हैं कि चीनी सेना ने भारतीय पक्ष को किसी भी प्रकार के निर्माण करने पर 'हमला' बोलने की धमकी दे डाली है। नतीजतन इलाके में एक सड़क निर्माण का कार्य बंद हो गया है और इलाके में तैनात भारतीय सैनिकों को भी चीनी सेना ने बोरिया-बिस्तर समेटने की चेतावनी दी गई है।
जानकारी के मुताबिक लद्दाख के दमचोक इलाके में दोनों मुल्कों की सेना के बीच तनातनी का माहौल पिछले कुछ दिनों से बना हुआ है। चीनी सेना ने दमचोक के टी-प्वॉइंट और सीएनएन प्वॉइंट पर भारतीय सेना को एक सड़क निर्माण करने से रोका था। सिर्फ यही नहीं, चीनी सेना ने वहाँ तैनात भारतीय सेना के जवानों को अपनी चौकियाँ हटाने का अल्टीमेटम देते हुए 'गंभीर परिणाम' भुगतने की चेतावनी भी दी। सड़क निर्माण में चीनी अड़ंगे की बात को अधिकारी भी मानते हैं, जबकि भारतीय सेना को दी जाने वाली चेतावनी तथा अल्टीमेटम के मामले पर भारतीय सेना की लेह स्थित 14 कोर के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। हालाँकि रक्षा सूत्र मानते हैं कि चीनी सेना की चेतावनी के बाद इलाके में दोनों सेना आक्रामक मूड में हैं और फ्लैग मीटिंग में मामला सुलझाने का प्रयास नाकाम हो चुका है। लेह के डिप्टी कमिश्नर अजीतकुमार साहू भी मानते हैं कि सड़क के निर्माण पर चीनी सेना द्वारा न सिर्फ आपत्ति उठाई गई थी, बल्कि इलाके में घुसकर मजदूरों को धमकाया भी गया था। एक रिपोर्ट कहती है कि चीनी सेना ने भारतीय श्रमिकों की पिटाई भी की थी। उपायुक्त ने कुछ भी बताने से इनकार करते हुए कहा कि वे अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज चुके हैं। हालाँकि 4 किमी सड़क बनना अभी बाकी है। ला का झमेला : लद्दाख सीमा पर जिस भी स्थान के नाम के अंतिम शब्द 'ला' हैं, चीनी सेना उसी पर अपना दावा करती जा रही है। इसका आधार वह यह बताती है कि ला जैसे अंतिम शब्दों वाले स्थान कभी तिब्बत के हिस्सा रहे हैं और तिब्बत भी चीन का भाग है। नतीजतन स्थिति यह है कि लद्दाख सेक्टर में चीन सीमा से सटे हर दूसरे-तीसरे स्थान पर चीनी सेना द्वारा अपना दावा जताने से तनातनी का माहौल पैदा हो चुका है, जिसे लेकर दोनों पक्षों में किसी भी समय झड़प की आशंका पैदा हो गई है। ताजा घटना के बाद माहौल इसलिए भी गर्माया है, क्योंकि जिस स्थान पर चीनी सेना ने अपना इलाका होने का दावा किया है वहाँ एक गर्म पानी का झरना है, जिसे चीनी सेना हथियाना चाहती है। इसकी खातिर वह उसके सामने वाले इलाके में चौड़ी व पक्की सड़क का निर्माण भी कर चुकी है, जिसके निर्माण पर कभी भी भारत ने आपत्ति प्रकट नहीं की थी।

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