बुधवार, 11 जनवरी 2012

मालगाड़ी से टकराई ब्रह्मपुत्र मेल, पांच की मौत Posted on: Wed, 11 Jan 2012 07:38 AM (IST) Share: मालगाड़ी से टकराई ब्रह्मपुत्र मेल, पांच की मौत साहेबगंज [झारखंड]। बुधवार तड़के करीब छह बजे झारखंड के साहेबगंज इलाके में कर्णपुर स्टेशन के पास ब्रह्मपुत्र मेल दुर्घटना ग्रस्त हो गई। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई और करीब छह लोग घायल हो गए। हादसे की वजह से सवारी गाड़ी की एक बोगी पटरी से उतर गई। मृतकों के परिजनों को रेलवे की तरफ से पांच-पांच लाख रुपये के मुआवजे का एलान किया गया है। घने कोहरे की वजह से बुधवार सुबह करीब छह बजे डिब्रूगढ़ से दिल्ली आ रही ब्रह्मपुत्र मेल झारखंड के साहेबगंज इलाके में कर्णपुर स्टेशन के करीब पहले से खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई। इस हादसे में पांच लोगों मौत हो गई जबकि छह अन्य घायल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मालदा के डीआरएम समेत रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए है और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। डीआरएम ने बताया कि हादसे में एक बोगी पटरी से उतर गई जिसके सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। डीआरएम ने कहा कि इस हादसे की जांच की जाएगी लेकिन पहली प्राथमिकता घायलों का उपचार करने की है और साथ बाधित रेल सेवा को दोबारा चालू करने का है। वहीं रेलवे ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है। हादसे पर केंद्रीय रेल मंत्री ने अफसोस जताया है। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि टक्कर के वेग से मालगाड़ी का गार्ड केबिन, जो लूप लाइन पर था ट्रेन के एस 9 डिब्बे पर चढ़ गया। राहत दल ने एस 9 से चार शव निकाले हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेन के पिछले डिब्बो को अगले डिब्बों से अलग करने के बाद उनमें इंजन लगाकर पश्चिम बंगाल के लिए रवाना कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ब्रह्मपुत्र मेल ने ट्रैक पर पहले से मौजूद मालगाड़ी को टक्कर मार दी, जिसके बाद ब्रह्मपुत्र मेल के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे की वजह से रेल सेवा बाधित हो गई। स्थानीय निवासियों ने सबसे पहले यहां पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। अधिकारियों ने इसकी वजह कोहरे को बताया है। स्टेशन अधीक्षक के पी सिंह ने बताया कि ब्रह्मपुत्र मेल खड़ी हुई मालगाड़ी से टकरा गई। बचाव और राहत दल मौके पर पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि हादसा साहेबगंज से करीब 25 किलोमीटर दूर कारोनपुरोतो में हुआ। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ब्रह्मपुत्र मेल का चालक सिग्नल को नहीं देख पाया जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस अधीक्षक [रेल] प्रवीण श्रीवास्तव ने बताया कि 14055 ब्रह्मपुत्र मेल की एक बोगी पटरी से उतर गई और दूसरी लाइन पर खड़ी माल गाड़ी से टकरा गई, जिससे चार लोगों की मौत हो गई। पूर्वी रेलवे के एक प्रवक्ता ने कोलकाता स्थित मुख्यालय में बताया कि पाच लोगों की इस हादसे में मौत हो गई और कुछ को मामूली चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि घटना के विस्तृत विवरण की अभी प्रतीक्षा है। राहत के लिए ट्रेन मौके पर पहुंच गई है और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। ट्रेक को खाली कराने का काम शुरू हो गया है।


मालगाड़ी से टकराई ब्रह्मपुत्र मेल, पांच की मौत



brahmputra mail collide with goods train, two died
मालगाड़ी से टकराई ब्रह्मपुत्र मेल, पांच की मौत
साहेबगंज [झारखंड]। बुधवार तड़के करीब छह बजे झारखंड के साहेबगंज इलाके में कर्णपुर स्टेशन के पास ब्रह्मपुत्र मेल दुर्घटना ग्रस्त हो गई। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई और करीब छह लोग घायल हो गए। हादसे की वजह से सवारी गाड़ी की एक बोगी पटरी से उतर गई। मृतकों के परिजनों को रेलवे की तरफ से पांच-पांच लाख रुपये के मुआवजे का एलान किया गया है।
घने कोहरे की वजह से बुधवार सुबह करीब छह बजे डिब्रूगढ़ से दिल्ली आ रही ब्रह्मपुत्र मेल झारखंड के साहेबगंज इलाके में कर्णपुर स्टेशन के करीब पहले से खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई। इस हादसे में पांच लोगों मौत हो गई जबकि छह अन्य घायल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मालदा के डीआरएम समेत रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए है और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है।
डीआरएम ने बताया कि हादसे में एक बोगी पटरी से उतर गई जिसके सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। डीआरएम ने कहा कि इस हादसे की जांच की जाएगी लेकिन पहली प्राथमिकता घायलों का उपचार करने की है और साथ बाधित रेल सेवा को दोबारा चालू करने का है। वहीं रेलवे ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है। हादसे पर केंद्रीय रेल मंत्री ने अफसोस जताया है।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि टक्कर के वेग से मालगाड़ी का गार्ड केबिन, जो लूप लाइन पर था ट्रेन के एस 9 डिब्बे पर चढ़ गया। राहत दल ने एस 9 से चार शव निकाले हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेन के पिछले डिब्बो को अगले डिब्बों से अलग करने के बाद उनमें इंजन लगाकर पश्चिम बंगाल के लिए रवाना कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ब्रह्मपुत्र मेल ने ट्रैक पर पहले से मौजूद मालगाड़ी को टक्कर मार दी, जिसके बाद ब्रह्मपुत्र मेल के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे की वजह से रेल सेवा बाधित हो गई। स्थानीय निवासियों ने सबसे पहले यहां पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। अधिकारियों ने इसकी वजह कोहरे को बताया है।
स्टेशन अधीक्षक के पी सिंह ने बताया कि ब्रह्मपुत्र मेल खड़ी हुई मालगाड़ी से टकरा गई। बचाव और राहत दल मौके पर पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि हादसा साहेबगंज से करीब 25 किलोमीटर दूर कारोनपुरोतो में हुआ। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ब्रह्मपुत्र मेल का चालक सिग्नल को नहीं देख पाया जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
पुलिस अधीक्षक [रेल] प्रवीण श्रीवास्तव ने बताया कि 14055 ब्रह्मपुत्र मेल की एक बोगी पटरी से उतर गई और दूसरी लाइन पर खड़ी माल गाड़ी से टकरा गई, जिससे चार लोगों की मौत हो गई।
पूर्वी रेलवे के एक प्रवक्ता ने कोलकाता स्थित मुख्यालय में बताया कि पाच लोगों की इस हादसे में मौत हो गई और कुछ को मामूली चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि घटना के विस्तृत विवरण की अभी प्रतीक्षा है। राहत के लिए ट्रेन मौके पर पहुंच गई है और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। ट्रेक को खाली कराने का काम शुरू हो गया है।Danik Jagran se sabhar





सोमवार, 26 दिसंबर 2011

          भाजपा का असमंजस कही ब्राहमणों का भ्रम न बन जावे...?


मथुरा ! बसपा द्वारा प्रत्याशी बदलने के बाद रविकांत गर्ग की भाजपा में दावेदारी दुसरे वैश्यों से कही भरी पड़ रही थी किन्तु इसी दैरान पार्टी के ब्राहमण नेतृत्व ने अपनी विसात बिछा दी है ! सुना जा रहा है कि स्वयं को आहत अनुभव कर रहे सोहन लाल शर्मा, एस.के शर्मा, देवेन्द्र शर्मा, आदि सभी सम्भावित दावेदार ''बिल्ली खाये नहीं तो लुद्काए  '' की  भूमिका में आ गये है ! अवसरवादी राजनीति के माहिर पंडित श्यामसुंदर शर्मा (विधायक माट) अपने लगुभ्राता कृष्ण कुमार शर्मा 'मुन्ना' को मथुरा सीट पर भाजपा प्रत्याशी के रूप में देखने के लिए साम-दंड-भेद से जुट गये है ! बताया जा रहा है कि दोनों भाइयो के मतभेद पाट लिए गये है और प. श्यामसुंदर शर्मा किसी भी कीमत पर मथुरा सीट से अपने भाई कृष्ण कुमार शर्मा को भाजपा प्रत्याशी देखना चाहते है ! यदि ऐसा हो गया तो ब्राहमण वोट पुष्पा और मुन्ना में से किसे चुनेगे ? आशा तो यही है कि तब श्याम के बसपा सम्पर्क पुष्पा को पार्टी के अन्दर ही पटखनी देगे ! यो मुन्ना का भाजपा प्रत्याशी होना बसपा का गर्भपात होगा !

शुक्रवार, 23 दिसंबर 2011

                              बसपा प्रत्याशी में बदलाव के संकेत
                             डा.अशोक और पुष्पा में शक्ति संतुलन 


मथुरा,23 दिसम्बर ! बहुजन समाज पार्टी (बी एस पी) मथुरा-बृन्दावन विधानसभा सीट पर प्रत्याशी बदले जाने के संकेत दीए है! विगत विधानसभा चुनावो में भी डा. अशोक अग्रवाल की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए ऍन वक्त पर बसपा ने बिना प्रत्याशी की छवि पर विचार किए अपना टिकट देवेन्द्र कुमार गोतम (गुड्डू ) को दे दिया था !
इसके उपरान्त भी डा. अशोक अग्रवाल पूरी निष्ठा और साधनों से बसपा की टिकट की आस में पार्टी से जुड़े रहे! किन्तु उनके सितारों ने दिशा जैसे बदली ही न हो ! पुष्पा शर्मा ने इस बार उन्हें पार्टी में पटखनी देकर टिकट पक्की कर ली है !
बसपा के शर्मा प्रत्याशी होने से भाजपा में ब्रहामन उम्मीदवारों की दावेदारी कमजोर हो गयी है और यही माना जा रहा है कि भाजपा किसी वैश्य को प्रत्याशी बनाने जा रही है !
बसपा की टिकट के वदलाव के पीछे भाजपा और काग्रेस के उम्मीदवारों की भी अलग-अलग कोशिशे आकी जा रही है !
                                                                                            www.samaysapeksh.com

रविवार, 18 दिसंबर 2011

   
                    एक आगाह -    संस्कृति से खिलवाड़ शोक, जरुरत...या..मज़बूरी....?


वर्तमान में दिनों दिन बड़ते अपराधो ने एक बार फिर आम जनमानस को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या वह अपराधो से अपनों को बचा पायेगा ? देश के हालत जिस तेजी से बदल रहे है उन से तो यही संकेत मिल रहे है कि आम आदमी असुरक्षित होता जा रहा है! खास तोंर पर लड़किया एवं बच्चे जो आसानी से शिकार बन जाते है !
             एक सर्वेक्षण के अनुसार युवतियों के प्रति लोगो का नजरिया बदलता जा रहा है! चैनल संस्कृति ने उसे भोग की वस्तु प्रचारित कर उसकी गरिमामय छवि को पूरी तरह नष्ट कर दिया है, वही महिलाए भी अंग प्रदर्शन करने से और कामुक दिखने से वाज नहीं आ रही है और सीधे तोर पर आमंत्रित कर रही है उन गट्नाओ को और अनहोनी को जिनसे उन्हें स्यम बचना चाहिए, उसी दिशा की ओर मुड़ रही है इस स्थति में अपराधी प्रेरित होता है ओर अपराध करता है जाहिर सी बात है, खुद पर नियंत्रण नहीं तो अगला आपको देख कर अन्यन्त्रित ही होगा रहा सवाल यहाँ पर दोष देने या मढ़ने का तो सामने वाला दूसरे को ही दोषी पाता है कानून भी वही देखता है ओर समझता है जो उसे दिखाया जाता है ? चाहे हालात जो भी रहे हो यहाँ बहस में न पड़कर फिलाल हम असली मुद्दे पर एक बार फिर केन्द्रित होते है! मानवीय सम्वेदना की बात है तो वह खी गम सी दिखाई पड़ रही है आज-कल बच्चे भी हवस का शिकार हो रहे है ओर बदनाम बस्तियो के अन्दर उनका भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है ? अबोध के साथ क्रतग्य करके लोग इंसानियत को कलंकित कर रहे है!
बाल अपराधो का बड़ता ग्राफ यही दर्शाता है कि इन्सान कामांध होकर अपनी सुधबुध खो बेठता है ओर समाज को कलंकित कर रहे है !
महानगरो में व्याप्त पश्चिम संस्कृति की चाशनी ओर स्वतंत्ता तथा वेहुदगी की हदे पार करती युवा पीडी ख़ास तोर पर नवयोवनाये खुलेआम जब सब कुछ करने को आमन्त्रण देने लग रही हो ओर सरेआम शर्मिंदा करने लग जाये तो कहने को कुछ नहीं रह जाता !
इन युवतियों ने पैसे की खातिर एश-मोज हेतु सेक्स रिलेशनशिप का आफर करना आरम्भ कर एक नया सन्देश देना आरम्भ किया है! जो इस बात का घोतक है कि पैसा मिल जाये तो शरीर भी न्योछावर है भले इससे संस्कृति ओर सामाजिक मूल्य नैतिकता पूरी तरह कुचल रही है! पर्स में नोटों की गड्डिया होनी चाहिए पार्टी, मोज, मस्ती महगे मोबाईल वाय फ्रेंड्स के साथ लाग ड्राइव या होटलों में गुजरती राते इनमे कमी नहीं चाहिए क्योकि धनार्जन जरिया और आधार भी यही है !
यहाँ एक बात और है जो बड़ी महत्पूर्ण है इन सब गताविधियो की संलिप्तता को बढावा देने वाले ग्रुप, रेकेट और उनके सदस्य जो लेडिज होस्टल, कालेज, स्कूलों के ऊपर पूरा-पूरा ध्यान रखते है और ऐसी किशोरियों, छात्राओ एवं युवतियों को इस बिजनिस के लिए प्रेरित करने का कार्य बड़े पैमाने पर कर रहे है! यंहा इनकी आवश्यकता के अनरूप उम्र के हिसाब से माल मिल जाता है! और राजी या गैर राजी उनकी ब्लू फिल्म, अश्लील तस्वीरे उतर कर ब्लैक मेल किया जाता है और मजबूर किया जाता है! महानगरो की तर्ज पर होस्टल रेस्तराओ एवं पाश कालोनियों तक बात सीमित हो तो भी टीक है किन्तु यह आलम छोटे-छोटे शहरों में भी दिखाई दे रहा है! और संस्कृति इन शहरों में भी दस्तक दे चुकी है! किसी देश संसकृति एवं समाज के लिए इससे अधिक घातक स्थति   क्या होगी कल्पना कीजिए क्योंकि यह नियंत्रण की सारी सीमाएं लाँघ कर पूरी मूँछ काडे सामने खड़ी हो गयी है! एक ज्वलंत एवं गंभीर समस्या बनकर निश्चित तोंर पर इसके बारे मे सोचना होगा ! क्या संस्क्रती,खिलवाड़ शोंक है.....जरुरत या मज़बूरी .........?
                                        नरेन्द्र एम. चतुर्वेदी -
                                       www.samaysapeksh.com
भये न आदमी का खून फिर से,
न भूख दुनिया की खा  जाए,
करीब मंदिर के आये मस्जिद,
न फिर से कोई भी बाट पाये,
                  
                       गोपाल दास नीरज 

गुरुवार, 15 दिसंबर 2011

                             मथुरा सीट से उमा भारती का चुनाव लड़ना लगभग तय...?


मथुरा ! भारतीय जनता पार्टी ने मथुरा विधानसभा सीट पर आगामी चुनावों में उमा भारती को प्रत्याशी बनाने का मन बना लिया है.पार्टी सूत्रों के अनुसार मायावती के सामने तेज तर्रार पिछड़ी जाती का महिला नेतृत्व देने के लिए भाजपा ने उमा भारती को प्रोजेक्ट करने का निर्णय लिया है. आक्रामक हिंदुत्व की राजनीति के साथ पिछड़ी जातियों विशेषकर लोधी राजपूत समाज को जोड़े रखने के लिए भाजपा के पास उमाभारती ही कल्याण सिंह का बेहतर जबाब हो सकती थीं और भाजपा ने इस विकल्प का सटीक चयन किया है किन्तु पार्टी के इस निर्णय से स्थानीय नेतृत्व में हड़कंप मच गया है .वर्त्तमान कांग्रेसी विधायक को भी इससे कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा .संभव है उमा भारती की प्रतिद्वंदिता से भाजपा मथुरा में अपना खाता फिर से  खोल पाने में सफल हो सके .उल्लेखनीय है की पिछली बार मथुरा की पांच में से एक भी  सीट पर भाजपा को सफलता नहीं मिली थी .उमाभारती के लिए उत्तर प्रदेश में लाँच करते वक्त भाजपा के लिए उनकी आक्रामक हिंदुत्व बालीछवि के अनुरूप सीट का चयन करना था इसलिए मथुरा सीट को उपयुक्त माना गया है .किन्तु भाजपा की यह शै स्थानीय नेताओं की भीतर घात के चलते मात में भी तब्दील हो सकती है क्योंकि टिकेट की आस में लाखों रुपये लुटा चुके नेताओं को पार्टी का यह निर्णय सुपाच्य हो ही नहीं सकता है .इधर साक्षी महाराज के अनुभव के बाद स्थानीय नेताओं के लिए बाहरी प्रत्याशी के  लिए जनता से वोट मांगना मुश्किल होगा.महामंडलेश्वर साक्षी को भाजपा ने राम लहर में मसीहा, महात्मा और न जाने कितनी महिमा के साथ मथुरा संसदीय सीट से जिता दिया परन्तु  बाद में वे असंत खलनायक  ही सिद्ध हुए थे .उमा भारती के लिए एक मुश्किल वैधानिक रूप से ये हो सकती है की वे उत्तर प्रदेश की किसी विधानसभा सीट की वोटर लिस्ट में संभवतः नहीं हें .कुल मिला कर उमा भारती कांगेर के प्रदीप माथुर के लिए चुनौती भी हो सकती हें तो मथुरा सीट उनके लिए खुद एक चुनौती बन सकती है 
.                                   --नरेंद्र एम् चतुर्वेदी प्रधान संपादक समय सापेक्ष -www.samaysapeksh.com 

बुधवार, 14 दिसंबर 2011

दिखाई देने लगा अन्ना का असर,न्यायिक जवाब देही,विसिल ब्लोअर ,जन शिकायत निवारण और मनी लओंड्रिंग निषेध बिल को हरी झंडी



इस सरकार की यह मंशा है की अब अन्ना हजारे लोकपाल बिल से ऊपर ना जाने पायें  और उनके इस आन्दोलन को यहीं थाम दिया जाए .तभी कल संसद ने कई मुद्दों पर अपनी सहमति दिखाई और कई मांगों को हरी झंडी दे दी इनमे न्यायिक जवाब देही,विसिल ब्लोअर ,जन शिकायत निवारण और मनी लओंड्रिंग निषेध बिल को हरी झंडी मिल गयी है .कल प्रधान मंत्री की अध्यक्षता में केबिनेट ने इन चारो बिलों पर मुहर लगा दी है.इनमें न्यायिक जवाब देही बिल अहम् मन जा रहा है क्योंकि अब तक किसी कानूनी शिकंजे से दूर शीर्ष न्यायपालिका की निगाहें  भी इस पर लगी हैं .  शिखर आकाश 

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