सोमवार, 23 नवंबर 2009

संघ वसुधैव कुटुंबकम का सबसे बड़ा पैरोकार: मोहन भगवत



राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहनराव भागवत ने देश के सम्मुख मुँह बाए खड़ी आतंकवाद एवं विदेशी खतरे जैसी समस्याओं के लिए कमजोर कानूनों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि इसके लिए मजबूत हिंदू राष्ट्र ही एकमात्र समाधान है।
पीटीआई भागवत ने लोगों को चीन के प्रति आगाह करते हुए कहा कि वे एक साथ दोस्ती और दुश्मन की राह पर चल रहा है। चीन दोस्ती का मुखौटा लगाकर भारतीय राज्यों को हड़पने का प्रयास कर रहा है। इससे उसकी नीयत का पता चलता है। ऐसे में समय की माँग है कि भारत इस देश की सीमा से लगती अपनी सीमा को सुरक्षित बनाए। चीन के इरादे नेक नहीं हैं। उसकी दिलचस्पी केवल दूसरे देशों को सामान और हथियार बेचने में हैउन्होने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का निर्यात कर रहा है, जबकि बांग्लादेश आतंकवादियों की शरणस्थली बन गया है। उधर, नेपाल से बड़ी मात्रा में फर्जी नोट और मादक पदार्थों की तस्करी होती है। भारत आजादी के 62 वर्ष बाद भी इन आक्रामक पड़ोसियों की वजह से सही मायने में स्वतंत्र नहीं हो पाया है। इन समस्याओं की सबसे बड़ी वजह देश में कमजोर कानून का होना
नक्सलवाद के नाम पर देश में बढ़ रहे आतंक पर चिंता प्रकट करते हुए वामदलों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि महज दो वर्ष पहले ये वामदल इन नक्सलियों का समर्थन कर रहे थे और अब उन्होंने अपना गढ़ बचाने के लिए उनके खिलाफ संघर्ष की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ऐसे में हिंदुत्व ही मजबूत राष्ट्र के निर्माण का एकमात्र रास्ता है और संघ वसुधैव कुटुंबकम का सबसे बड़ा पैरोकार है।

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