बुधवार, 25 नवंबर 2009

वैश्विक नेता के रूप में भारत का उदय


अमेरिकी उपराष्ट्रपति जो बिडेन ने भारत-अमेरिका परमाणु करार को दोनों देशों के आपसी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए वैश्विक नेता के रूप में भारत के उदय को अद्भुत बताया।प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह के सम्मान में आयोजित भोज में बिडेन ने कहा कि देशों के समुदाय के बीच भारत का एक नेता के रूप में उदय अद्भुत तथा ऐतिहासिक है और हम इसका तहेदिल से स्वागत करते हैं।उन्होंने कहा कि मैं और विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन भारत-अमेरिका के रिश्तों की अहमियत समझते हैं और भारत के नेतृत्व को गर्मजोशी से स्वीकार करते हैं।एक सीनेटर के रूप में भारत-अमेरिका परमाणु करार को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले बिडेन ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू बुश के बाद अब मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा भी इस पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इस संबंध को मजबूत करने के लिए वह न सिर्फ दिमाग से बल्कि दिल से भी काम कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि असैन्य परमाणु सहयोग के लिए हुआ ऐतिहासिक समझौता अमेरिका-भारत सम्बन्धों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब दोनों देश एक-दूसरे के पहले से ज्यादा करीब हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने परमाणु करार के मामले में मनमोहन द्वारा दिखाई गई नेतृत्व क्षमता की भी तारीफ की।

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