बुधवार, 25 नवंबर 2009

सुखोई में कर सफर राष्ट्रपति प्रतिभा ने रचा इतिहास



राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने बुधवार को सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से उड़ान भर कर अपने नाम एक रिकॉर्ड दर्ज करा लिया। रूस निर्मित सुखोई में 30 मिनट की उड़ान भर कर प्रतिभा ऐसा करने वाली किसी भी देश की पहली महिला राष्ट्राध्यक्ष बन गई हैं।उड़ान के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर लोहेगाँव वायुसैनिक अड्डे पर उतरने के बाद प्रतिभा ने पायलट विंग कमांडर एस साजन से हाथ मिलाया और सुविधाजनक उड़ान के लिए उनकी सराहना की।इसके साथ ही चौहत्तर वर्षीय प्रतिभा ने किसी भी युद्धक विमान में 30 मिनट की यात्रा करने वाली सबसे उम्रदराज महिला का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। अड्डे पर उन्होंने पायलट, उच्चाधिकारियों और विमान के तकनीकी स्टॉफ के साथ फोटो खिंचवाए।प्रतिभा के साथ जाने वाले पायलट साजन के पास 3,200 घंटों की उड़ान का अनुभव है। उतरने के बाद राष्ट्रपति को विश्राम गृह ले जाया गया, जहाँ उनका चिकित्सीय परीक्षण किया गया।उड़ान भरने के पूर्व राष्ट्रपति को आपातकालीन निर्गमन प्रक्रिया और सुखोई-30 की उड़ान के विभिन्न पहलुओं के बारे में 30 स्क्वॉड्रन ‘राइनोज’ ने संक्षिप्त जानकारी दी।सुखोई में उड़ान भरने वाली प्रतिभा देश की दूसरी राष्ट्रपति हैं। इसके पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने लोहेगाँव से ही इसमें उड़ान भरी थी। कलाम की 30 मिनट की उड़ान की गति सुपरसोनिक गति से थोड़ी ही कम थी।क्या है सुखोई-30 एमकेआई : अगली पीढ़ी का लड़ाकू विमान, सुखोई भारतीय वायुसेना में 1996-97 में सेवा में आया था, तब भारत ने 50 सुखोई-30 विमान रूस से खरीदे थे। इसके बाद 2000 में हुए एक समझौते के अंतर्गत हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को 140 विमान बनाने का लाइसेंस प्राप्त हुआ था। सुखोई-30 दो सीटर, दो इंजन वाला मल्टीरोल (आक्रमण और रक्षा) वाला सुपरसोनिक जेट है, जिसकी अधिकतम गति 2.35 मेक (2500 किमी प्रति घंटा) है। यह विमान घातक 130 एमएम की जीएचएस गन तथा 8000 किलो के आयुधों से लैस है। परमाणु बम वहन करने की क्षमता वाले इस विमान में हवा से हवा, हवा से सतह पर मार करने वाली कई अत्याधुनिक और खतरनाक मिसाइलें भी लगी हैं।भारतीय परिस्थितियों के अनुसार इसमें कुछ फेरबदल भी किए गए हैं। वर्तमान में सुखोई-30 भारतीय वायुसेना की तीन स्क्वॉड्रन 20 'लाइटनिंग', 30 'रायनों' तथा 24 'हॉक्स' पुणे और बरेली एयरबेस में तैनात हैं। हाल ही में इसकी एक स्क्वॉड्रन को असम के तेजपुर में भी तैनात किए जाने की प्रकिया चल रही है।

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