रविवार, 29 नवंबर 2009

ब्रेकिंग न्यूज़ :आगरा में कूड़े के ढेर में विस्फोट से एक जान गई

आगरा। बकरीद की सुबह भीषण विस्फोट से किरावली कस्बा दहल गया। यह धमाका कूड़े के ढेर में उस समय हुआ जब एक वृद्ध और तीन मासूम सगे भाई वहां अलाव जला कर हाथ सेंक रहे थे। पुलिस चौकी के नजदीक हुआ यह धमाका इतना भीषण था कि चारों हवा में कई फुट उछल कर जमीन पर गिरे। इनमें से वृद्ध की मौत हो गई जबकि तीनों बच्चे घायल हो गए। दो किमी दूर तक इस धमाके की आवाज सुनाई दी। विस्फोट से कस्बे में कई घंटे तक सन्नाटा पसरा रहा। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने विस्फोट स्थल से बरामद नमूने को जांच के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस इसे आतिशबाजी का धमाका मान रही है।
घटना शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे की है। मुख्य बाजार में सफाई कर्मी सुल्तान रोजाना की तरह झाड़ू लगा कर पुलिस चौकी से महज 50 कदम की दूरी पर कूड़ा इकट्ठा कर चला गया। वहां से गुजरे किसी व्यक्ति ने इसमें आग लगा दी। सुबह पड़ रही ठंड से बचने के लिए जूते-चप्पल बनाने का काम करने वाला अभुआपुरा निवासी 70 वर्षीय सामंता वहां हाथ सेंकने के लिए बैठ गया। इसी दौरान पुरानी गल्ला मंडी से दूध लेने के लिए निकले चांद बाबू के तीन बेटे सुहैल , अंशू , चिंटू (6) दूधिए के इंतजार में आग के पास बैठ गए।
इसी दौरान इतना तेज धमाका हुआ कि आग में हाथ सेंक रहे बच्चों सहित सभी लोग हवा में उछले और फिर कुछ दूरी पर गिरे। इसके बाद चीखपुकार मच गई। घरों से निकलकर दौड़े लोग डरते हुए कूड़े के ढेर तक पहुंचे। पुलिस ने अलग-अलग दिशा में पड़े घायलों को तत्काल एसएन अस्पताल भेजा। गंभीर रूप से घायल वृद्ध सामंता की रास्ते में मौत हो गई। दस वर्षीय सुहैल के चेहरे और आंखों में गंभीर चोट हैं, जबकि चिंटू का एक हाथ तीन जगह से टूट गया। विस्फोट की धमक आसपास के घरों तक महसूस की गई। खिड़कियों के शीशे तक चटक गए।
विस्फोट की सूचना मिलने पर डीआईजी आदित्य मिश्रा, एसपी पश्चिमी श्री कृष्णा, एसओजी एवं एसटीएफ इंचार्ज भी टीम के साथ पहुंच गए। डीआईजी का कहना है कि धमाका आतिशबाजी का है। पूरी जांच की जा चुकी है। घायलों की मेडिकल रिपोर्ट में बम जैसे चोटों के घाव नहीं आए हैं। घटनास्थल से थोड़ी दूर पर आतिशबाजी की दुकान भी है।

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