शुक्रवार, 18 दिसंबर 2009

सफाई कर्मचारियों के हड़ताल के चलते शहर कि गन्दगी सीधे यमुना में


शिखर आकाश , मथुरा।शहर में सफाई कर्मचारियों के हड़ताल से हालात अब बेकाबू हो रहे हैं। इसका सीधा असर अब यमुना नदी पर पड़ रहा है। वैसे भी यमुना नदी पूरी तरह प्रदूषित हो चुकी है जिसका जल अब आचमन के योग्य नहीं रह गया है। नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा चली आरही हड़ताल ने शहर के हालात बेकाबू हो चुके हैं और चरों तरफ गन्दगी के कारण इन दिनों शहर कि सडको पर चलना दूभर हो गया है , वहीँ दूसरी तरफ शहर का सारा गन्दा पानी और सभी नाले सीधे यमुना में गिर रहे हैं जिससे यमुना एक गन्दी झील में तब्दील हो चुकी है। वैसे भे यमुना में प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रम के नाम पर खाना पूर्ती होती रही है। यमुना प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर आया करोंड़ों का बजट स्थानीय अधिकारी और हिंदूवादी नेता डकारे बैठे हैं। एक समाचार पत्र में छापी खबर के अनुसार कागजों में यमुना को उल्टा बहा दिया गया है और जो आंकड़े पेश किये गए हैं उनसे भ्रम कि स्थिति बनी हुई है जो कि लापरवाही का एक जीता-जगाता नमूना है। इन दिनों यमुना नदी के पास जाकर गन्दगी को यमुना नदी में सीधे उतारते हुए देखा जा सकता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जो आंकड़े दिए गए हैं वह सफ़ेद झूट साबित हो रहे हैं। इसमें मथुरा-वृन्दावन में मानिटरिंग कि गयी है जो वर्तमान हालातों के एकदम विपरीत है।

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