बुधवार, 2 दिसंबर 2009

आखिरकार : राज ठाकरे के खिलाफ गैर जमानती वारंट


बिहारियों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर मुजफ्फरपुर की एक अदालत ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ बुधवार को गैर जमानती वारंट जारी करते हुए मुंबई पुलिस को उन्हें गिरफ्तार कर अगले वर्ष चार जनवरी को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी शहाब कौसर ने गत छह अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई के दौरान राज ठाकरे की ओर से इस संबंध में अपना पक्ष निर्धारित तिथि को नहीं रखे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी और मुंबई पुलिस को मनसे प्रमुख को दो नवंबर को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।मुजफ्फरपुर के एक अधिवक्ता ने इस संबंध में दो फरवरी 2008 को मुजफ्फरपुर के तत्कालीन मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जेके सिन्हा की अदालत में राज ठाकरे के खिलाफ भादवि की धारा 504 के तहत परिवाद पत्र दायर किया था।
वकील ने अपने परिवाद पत्र में राज पर 31 जनवरी 2008 को बिहारियों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर शांति व्यवस्था भंग करने तथा सूर्य भगवान की अराधना का पर्व छठ को एक ड्रामा बताने का अरोप लगाया था।सिन्हा ने इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत को मामला स्थानांतरित कर दिया था। (भाषा)

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