गुरुवार, 24 दिसंबर 2009

वैज्ञानिकों ने खोज लिया एक बौना तारा


वाशिंगटन। सूर्य से 550 प्रकाशवर्ष की दूरी पर एक बौने तारे की खोज यूरोपीय वैज्ञानिकों ने की है। इस खोज से अंतरिक्ष-वैज्ञानिकों को हमारी आकाशगंगा के निर्माण के बारे में जानने में मदद मिलेगी।
द साइंस डेली के मुताबिक, दो स्पेनी अंतरिक्ष शोध केंद्रों के अंतरिक्ष-वैज्ञानिकों के एक दल ने हजारों लाखों साल पुराने एक तारे की पहचान की है। उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े आप्टिकल इंफ्रारेड टेलिस्कोप ग्रान टेलिस्कोपियो कानारियास [जीटीसी] की सहायता से इस तारे का द्रव्यमान हमारे सूर्य के द्रव्यमान का दसवां हिस्सा है। वैज्ञानिको का कहना है कि यूएलएएस1350 नाम का यह तारा अपनी आकाशगंगा को जानने में प्रमुख भूमिका निभा सकता है। जीटीसी के द्वारा पुष्टि किए जाने वाला यह पहला तारा एल श्रेणी का उपबौना तारा है। यह इस श्रेणी का खोज किया गया पांचवा तारा है। इस अध्ययन को अंजाम देने वाले दल के अगुवा निकोलस लोडियू ने बताया, 'हमने अपने प्रयासों को पूराने तारों तक सीमित रखा। ऐसा केवल इसलिए नही था कि अब तक ऐसे केवल चार तारों की ही खोज हुई है बल्कि इसलिए भी क्योंकि आकाशगंगा को जानने में वह बहुत सहायक हैं।' यह अध्ययन एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

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