रविवार, 27 दिसंबर 2009

तो जमकर पियो चचा,अब नहीं होगा नशा !!


लंदन। ब्रिटेन के वैज्ञानिक ऐसे कृत्रिम पेय के विकास में जुटे हैं जो मस्तिष्क की तंत्रिकाओं को शराब की तरह उत्प्रेरित करेगा, लेकिन बिना खुमारी और नशे के।
इंपीरियल कालेज लंदन में वैज्ञानिकों का एक दल शराब के इस विकल्प की तैयारी में जुटा है। ब्रिटेन के दवाओं के शीर्ष विशेषज्ञ डेविड नट के नेतृत्व में काम कर रहे हैं। यह विकल्प पीने से शराब की तरह न तो खुमारी होगी और न ही नशा लेकिन इसके सेवन से आनंद की अनुभूति होगी। सबसे खास बात यह है कि यह पेय मस्तिष्क के उन हिस्सों को प्रभावित नहीं करेगा जो हाव भाव को नियंत्रित करते हैं। इसके कारण इसे पीने के बावजूद व्यक्ति का अपने ऊपर नियंत्रण बना रहेगा।
'द टेलीग्राफ' की खबर के अनुसार, इस पेय को वेलियम से संबंधित रसायनों से तैयार किया जा रहा है जिसका शरीर से उत्सर्जन बहुत आसान है। एंटीडोट की मदद से इसके प्रभाव को समाप्त किया जा सकता है। नट के अनुसार, ''कोई कितने भी गिलास पीए, कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्हें आनंद की अनुभूति होगी जिससे हल्का नशा होगा और खुशियों के आयोजन के समाप्त होने के बाद गोली के उपयोग के बाद सामान्य हालत में गाड़ी चलाकर घर जा सकेगा।''

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