बुधवार, 9 दिसंबर 2009

उत्तर प्रदेश में एक लाख चालीस हजार अपात्र लोगों द्वारा ली जा रही वृद्घावस्था पेंशन

लखनऊ। प्रदेश में एक बड़ा पेंशन घोटाला सामने आया है। एकलाख चालीस हजार के लगभग ऐसे लोगों के नाम पर वृद्घावस्था पेंशन ली जा रही है, जो या तो इस दुनिया में नहीं हैं या फिर वे लोग पेंशन पाने के हकदार नहीं हैं। आंशिक जांच में ही लगभग 50 करोड़ के सालाना घपले का पता चला है। वर्षो से जारी इस बड़े घपले का पता चलने के बाद जिलाधिकारियों को फर्जी तौर पर ली जाने वाली पेंशन की राशि तत्काल रोकने के निर्देश दे दिए गए हैं। अपात्रों को वितरित की जा रही पेंशन की राशि शासन वापस लेगा। तय किया गया है कि राशि वापस करने में हीलाहवाली करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें जेल भेजा जाय। उन कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने सरकारी रकम के गलत वितरण में भूमिका निभायी है। जिलों में जांच पूरी होने के बाद सालाना एक अरब से ऊपर का घपला उजागर होने की आशंका है। पेंशन वितरण को लेकर 19 जिलों कानपुर नगर, बाराबंकी, बहराइच, सुल्तानपुर, बस्ती, बरेली, मिर्जापुर, मैनपुरी, बदायूं, मथुरा, एटा, बांदा, झांसी, बिजनौर, सोनभद्र, मुजफ्फर नगर, अम्बेडकर नगर, जेपी नगर और फिरोजाबाद में ग्यारह लाख 61 हजार 936 मामलों में से ग्यारह लाख 33 हजार 447 की जांच की गई। इन जिलों में 37 हजार 953 ऐसे व्यक्तियों के नाम पेंशन की राशि डकारी जा रही है जो अब इस दुनिया में हैं ही नहीं। 42 हजार 961 ऐसे लोगों को पेंशन दी जा रही है जो पेंशन पाने की परिधि में ही नहीं आते हैं। इन 19 जिलों में 80 हजार 914 लोगों को फर्जी तरीके से पेंशन वितरित की जा रही है। 21 जिलों कानपुर देहात, अलीगढ़, कांशीराम नगर, आजमगढ़, इलाहाबाद, फतेहपुर, औरैया, कन्नौज, फरुर्खाबाद, देवरिया, महाराजगंज, गोंडा, रामपुर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बागपत, बुलंदशहर, मेरठ, चंदौली, संतरविदास नगर, सहारनपुर में 10 लाख आठ हजार 359 पेंशनरों में से छह लाख 99 हजार 921 की जांच की गई। 70 फीसदी मामलों की जांच में 30 हजार 716 ऐसे लोगों के नाम पर पेंशन हड़पी जा रही थी जिनकी मौत हो चुकी है। 26 हजार 925 ऐसे नाम पाए गए हैं जो पात्रता की श्रेणी में ही नहीं आते हैं। इन जिलों में अभी तीन लाख से अधिक मामलों की जांच शेष है। 60 साल से ऊपर के गरीबों को 300 रुपये मासिक पेंशन दी जाती है। समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव प्रेम नारायण ने पुष्टि की कि उन्हें 19 जिलों की वृद्धावस्था पेंशन वितरण की सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि पेंशन में गड़बड़ी दूर करने के लिए बाहर के आपरेटरों से काम नहीं लिया जाएगा, बल्कि प्रत्येक जिले के समाज कल्याण अधिकारी को कम्प्यूटरीकरण के लिए 2-2 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। देनिक जागरण

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